भाभी को निंद की गोली देकर चोद डाला - Devar Bhabhi Sex Story

 


हैलो दोस्तों, मेरा नाम अजय है। यह मेरी वो देसी xxx कहानी है, xxx भाभी चुदाई कहानी जो मेरी जिंदगी की एक सच्ची घटना है और मैंने इसे सालों से अपने दिल में दबाकर रखा था, कभी किसी को बताने की हिम्मत नहीं हुई। मैं आपको अपनी और अपनी भाभी की इस हॉट स्टोरी के बारे में बताने जा रहा हूं, जिसमें मैंने उन्हें नींद की गोली खिलाकर चोदा और यह मेरी पहली चुदाई का अनुभव था। मेरी भाभी का नाम रिया है, जो दिखने में एकदम गोरी-चिट्टी हैं, उनका बदन इतना आकर्षक है कि कोई भी उन्हें देखकर पागल हो जाए। उनके फिगर के बारे में मैं कहानी में आगे बताऊंगा, लेकिन वो इतनी सेक्सी हैं कि मरता हुआ आदमी भी उठकर उन्हें चोदने की सोचे। रिया भाभी मेरे भाई यानी चाचा के लड़के की पत्नी हैं। मेरे भाई की जॉब बैंगलोर में है, इसलिए वो वहीं पर फ्लैट लेकर रहते हैं, गांव में很少 आते हैं। मेरी और भाभी की बहुत अच्छी बनती है, हम दोनों में खूब बातें होती हैं। एक बार भाई भाभी के साथ गांव आए, तो घर में सब बहुत खुश थे। चाचा जी का घर हमारे घर से थोड़ा दूर है, तो मैं भाभी से मिलने चला गया। भाभी और भाई मुझे देखकर बहुत खुश हुए और मुझे अंदर बिठाकर ठंडा पेय पिलाया। मेरी नजर भाभी पर पड़ी, तो देखा वो अब पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही हैं। उनका चेहरा चमक रहा था, बाल लंबे और काले, आंखें बड़ी-बड़ी, और होंठ गुलाबी। मैं सोच रहा था कि कैसे उन्हें छुआ जाए, कैसे उनके साथ वो पल बिताए जाएं जो मैं सपनों में देखता हूं।

 मैं चुपके से बार-बार उन्हें देख रहा था, उनकी कमर की मटक, उनके चलने का अंदाज, सब कुछ मुझे पागल कर रहा था। मैं बस यही सोच रहा था कि कैसे भाभी को चोदूं, कैसे उनके बदन को महसूस करूं। उस समय मेरी उम्र 22 साल की थी और भाभी की करीब 32 होगी। वो मुझसे बड़ी थीं, लेकिन उनकी जवानी अभी भी तरोताजा थी। मैंने भाई से बात की और फिर चाचा जी के पास चला गया। चाचा जी दूसरे मोहल्ले में रहते थे। वहां से मैं सीधा मेडिकल स्टोर पर गया और वहां से नींद की गोलियां खरीदीं। मेडिकल स्टोर वाला लड़का मेरा अच्छा दोस्त था, इसलिए उसने बिना पूछे मुझे गोलियां दे दीं। मैं उन्हें लेकर घर आ गया। शाम को मैं और भाई ने साथ में खाना खाया। खाने के बाद बाहर आंगन में भाभी ने तीन चारपाइयां बिछा दीं। हम तीनों उन पर लेट गए और बातें करने लगे। हवा ठंडी थी, गांव की रात शांत, सितारे चमक रहे थे। मैंने भाभी से कहा, ‘भाभी जी, जरा चाय बना लो ना।’ भाई ने कहा, ‘हां, मेरी भी बना लो और अपनी भी।’ भाभी चाय बनाने किचन में चली गईं। मैंने मौका देखा और चुपके से अपना फोन निकाला। मेरे पास एक पुराना नंबर था जो किसी को नहीं पता था। मैंने उससे भाभी के फोन पर कॉल किया। भाभी चाय छोड़कर फोन उठाने बाहर आईं। मैं झट से किचन में गया और तीनों कपों में 4-4 गोलियां डाल दीं। गोलियां चाय में घुल गईं, कोई पता नहीं चला। मैं बाहर आ गया और लेट गया।

भाभी चाय लेकर आईं और हम तीनों ने एक-एक कप ले लिया। मैंने अपना कप नीचे रख दिया और बोला, ‘चाय ठंडी होने के बाद पीऊंगा।’ फिर मैं सोने का नाटक करने लगा। भाभी बोलीं, ‘चाय भी नहीं पी और सो गया।’ भाई ने कहा, ‘कोई बात नहीं, ये चाय मुझे दे दो, मैं पी लेता हूं।’ और भाई ने मेरी चाय भी पी ली। अब भाई को दोगुनी गोलियां मिल गईं। भाभी ने सोचा कि मैं सो रहा हूं और वो दोनों आपस में रोमांस करने लगे। भाई भाभी के गाल छू रहे थे, भाभी हंस रही थीं। लेकिन नींद की गोलियां असर करने लगीं और वो दोनों अपनी-अपनी चारपाई पर जाकर सो गए। मैंने आंखें बंद रखीं, लेकिन जाग रहा था। दिल धड़क रहा था, हाथ-पांव ठंडे हो रहे थे। करीब 30 मिनट बाद मैं उठा और चेक करने के लिए भाभी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं। भाई को हिलाया, लेकिन वो गहरी नींद में थे, जैसे बेहोश। उस वक्त भाभी ने साड़ी पहनी हुई थी, जो रात की हवा में हल्की सी लहरा रही थी। उनका बदन चांदनी में चमक रहा था। मैं उनकी चारपाई पर आ गया और झुककर उनके होंठों पर किस किया। यह सब सपने जैसा लग रहा था। उनके होंठों पर लिपस्टिक लगी थी, जिसका स्वाद मीठा और नशीला था। उनकी सांसें गर्म थीं, छाती ऊपर-नीचे हो रही थी। मैंने धीरे से उनकी साड़ी उनके सीने से हटाई और ब्लाउज के बटन खोलने लगा। ब्लाउज के साथ ब्रा भी हटा दी। उनके बूब्स बिल्कुल गोल और टाइट थे। उन्हें अभी तक बच्चा नहीं हुआ था, इसलिए उनका फिगर एकदम मस्त था। उनकी गोल-गोल चुचियां देखकर मेरा मन उछल पड़ा। मैंने एक चुची मुंह में ले ली और चूसने लगा। भाभी थोड़ा कसमसाईं, लेकिन नींद में ही रहीं। उनका निप्पल कड़क हो गया, मैं जीभ से खेल रहा था। 

 फिर मैं उनके गले पर किस करने लगा, धीरे-धीरे नीचे आया। उनकी नाभि पर जीभ फेरने लगा, उनका बदन बिल्कुल गोरा और चिकना था। मैंने अपनी शर्ट उतारी, पैंट खोली। मेरा लंड बिल्कुल तना हुआ था, पूरा 6 इंच का हो गया था, नसें फूल रही थीं। मैंने सारे कपड़े उतार दिए और भाभी के ऊपर लेट गया। जैसे ही मेरी छाती उनके बूब्स से टकराई, मुझे लगा मैं स्वर्ग में हूं। उनका बदन गर्म था, मैं उनके शरीर को महसूस कर रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर मैं खड़ा हुआ और भाभी के मुंह पर दोनों तरफ टांगें करके बैठ गया। अपना लंड उनके मुंह में डालने की कोशिश की। उनका मुंह बंद था, मैंने एक हाथ से खोला और लंड अंदर डाला। जैसे ही छोड़ा, मुंह बंद हो गया। मैं उनके मुंह में लंड आगे-पीछे करने लगा। लार बहने लगी, मेरा लंड चिकना हो गया। जल्दी ही मेरा पानी निकलने लगा, मैंने सारा उनके मुंह में ही छोड़ दिया। भाभी को खांसी आने लगी, वो करवट बदलकर सोने लगीं। मैं डर गया, लेकिन वो फिर सो गईं। थोड़ी देर बाद मैंने उनका पेटीकोट खोलने लगा। धीरे-धीरे साड़ी और पेटीकोट निकाला। उनकी चुत मेरे सामने थी, झांटों से भरी हुई, गुलाबी और गर्म।

मैंने पहली बार चुत देखी थी, झुककर उसे चाटने लगा। जीभ अंदर डाली, स्वाद नमकीन और मीठा था। भाभी की चुत से खुशबू आ रही थी, जैसे कोई फूल। मैं जीभ से खेल रहा था, क्लिट को चूस रहा था। भाभी की सांसें तेज हो गईं, लेकिन वो सोई रहीं। मुझसे अब नहीं रुका जा रहा था। मैं उनके ऊपर आ गया और चुत के नीचे एक तकिया लगाया, ताकि चुत ऊपर उठ जाए। उनके दोनों हाथ पीछे लेकर पकड़ लिए। अपना लंड उनकी चुत पर टिकाया। चुत बहुत गर्म और गीली थी। मैंने हल्का सा धक्का मारा, लेकिन लंड फिसल गया। फिर से लगाया, फिर फिसला। मैं पसीने से तर हो गया, दिल जोर से धड़क रहा था। तभी मेरे कानों में आवाज आई, ‘अरे जल्दी कर, क्यों तड़पा रहा है…’ मैंने ऊपर देखा, तो भाभी जाग गई थीं। मेरी तो सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। भाभी बोलीं, ‘डर मत, तेरे भाई के बस की तो है नहीं, वो तो कुछ करते नहीं। तू ही मेरी प्यास बुझा दे। डाल दे अपना लंड मेरी चुत में।’ और भाभी आहें भरने लगीं, ‘आई उई…’ मैं स्तब्ध था, लेकिन खुश भी।

मैं बोला, ‘भाभी, मैंने तो आपको नींद की गोली दी थी।’ भाभी बोलीं, ‘तो क्या, दो गोली से पूरी रात चोदेगा? एक तो मेरे ऊपर पड़कर सारा वजन डाल रहा है, मैं नहीं जागूंगी तो क्या करूंगी? अब जल्दी कर।’ मैंने कहा, ‘भाभी, अंदर जा ही नहीं रहा।’ भाभी बोलीं, ‘किचन से तेल ले आ।’ मैं तेल ले आया, उनकी चुत पर लगाया और अपने लंड पर। अब चिकनाहट हो गई। मैंने लंड चुत पर रखा, भाभी ने सिर उठाया, ‘आई ई, डाल दे अंदर।’ मैंने धक्का मारा, लेकिन फिर फिसला। इस बार भाभी ने अपनी चुत दोनों हाथों से खोल ली। मैंने लंड बिल्कुल छेद पर लगाया और हल्का धक्का मारा। लंड का टोपा अंदर चला गया। भाभी के मुंह से सिसकारी निकली, ‘आह्ह…’ उनका चेहरा लाल हो गया, आंखें बंद। मैंने महसूस किया उनकी चुत कितनी टाइट है।

फिर मैंने दूसरा धक्का मारा, भाभी के मुंह से चीख निकली, ‘आउच!’ मैंने उनके दोनों हाथ पीछे करके पकड़ लिए, ताकि वो हिले नहीं। तीसरे धक्के में पूरा लंड अंदर डाल दिया। भाभी की चुत ने लंड को जकड़ लिया, गर्मी इतनी कि लग रहा था जल जाएगा। भाभी के चेहरे से लग रहा था कि दर्द के साथ मजा भी आ रहा है। मैंने धीरे-धीरे धक्के देने शुरू किए। ठप ठप की आवाज आने लगी। भाभी की चुत गीली हो गई, चिकनी। मैं स्पीड बढ़ाने लगा, भाभी आहें भर रही थीं, ‘हां अजय, और जोर से… आह्ह… फाड़ दे मेरी चुत को।’ मैंने उनके बूब्स दबाए, निप्पल मरोड़े। भाभी झड़ गईं, उनकी चुत से रस बहने लगा, लंड और चिकना हो गया। मैं लगातार पेल रहा था, 10 मिनट तक। भाभी की सांसें तेज, कमर ऊपर उठा रही थीं।

फिर भाभी बोलीं, ‘अब मैं ऊपर आती हूं।’ हम पोजीशन बदले। भाभी मेरे ऊपर बैठ गईं, लंड को चुत में लिया और उछलने लगीं। उनके बूब्स ऊपर-नीचे हो रहे थे, मैं उन्हें पकड़कर दबा रहा था। भाभी की आंखें बंद, ‘आह्ह… कितना मोटा है तेरा लंड… भर दे मुझे।’ मैंने नीचे से धक्के मारे। कमरा उनकी आहों से गूंज रहा था, लेकिन बाहर शांति थी। भाभी फिर झड़ीं, रस मेरे लंड पर बहा। मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में किया। पीछे से लंड डाला, गांड पकड़ी। भाभी की गांड गोल और मुलायम। मैं जोर-जोर से पेल रहा था, ठपाक ठपाक की आवाज। भाभी चिल्ला रही थीं, ‘हां, चोद मुझे… मैं तेरी रंडी हूं।’ मैंने 20 मिनट तक चोदा, अलग-अलग पोज में। मिशनरी, काउगर्ल, डॉगी। भाभी 3-4 बार झड़ीं।

अब मेरा आने वाला था। भाभी बोलीं, ‘अंदर मत छोड़ना।’ लेकिन मैं रुक नहीं पाया, सारा माल उनकी चुत में छोड़ दिया। हम दोनों हांफ रहे थे। मैं भाभी की चुचियों में मुंह देकर उनके ऊपर लेट गया, नंगा। भाभी ने मुझे गले लगाया, ‘बहुत मजा आया अजय। तेरे भाई से कभी ऐसा नहीं मिला।’ हम थोड़ी देर लेटे रहे, फिर भाभी बोलीं, ‘भाई को पता नहीं चलना चाहिए।’ मैंने हां कहा। हमने कपड़े पहने, चारपाई साफ की। भाई अभी भी सो रहे थे। सुबह भाई उठे, कुछ पता नहीं चला। भाभी मुस्कुरा रही थीं। उसके बाद जब भी मौका मिलता, हम चुदाई करते। गांव में, बैंगलोर जाकर। भाभी अब मेरी गर्लफ्रेंड जैसी हो गईं।

यह सब याद करके आज भी उत्तेजना होती है। भाभी की वो रात, वो दर्द और मजा मिश्रित आहें, सब कुछ जिंदा है। मैंने कभी सोचा नहीं था कि नींद की गोली इतना कमाल करेगी। अब भाभी से रिश्ता और गहरा हो गया है।

फिर अगली बार जब भाई आए, मैंने फिर प्लान बनाया। लेकिन इस बार भाभी तैयार थीं। हमने पूरी रात एंजॉय किया, नए-नए तरीके आजमाए। भाभी ने मुझे ब्लोजॉब दिया, मैंने उनकी चुत चाटी। हमने 69 पोजीशन ट्राई की। भाभी की चुत हमेशा गीली रहती, लंड आसानी से जाता।

धन्यवाद।