विरोधी वकील को उसी के चेंबर में जाकर चोदा - Hindi Sex Stories

 विरोधी वकील को उसी के चेंबर में जाकर चोदा - Hindi Sex Stories

 


वकील के मुंह से कविता सुनिए, कैसे चोदा कोर्ट में विरोधी पक्ष की वकील साहिबा को, कविता में चुदाई की कहानी सुनिए।

कोर्ट में मिली एक साथी वकील को चोदने का मौका मिला,
गरदाया बदन, पतला लम्बा शरीर, होंठ एकदम रसीले थे,

विरोधी वकील थी, हमारा केस कॉल हुआ, साथ कोर्ट में खड़े हुए,
बगल में खड़ी हुई वो महक रही थी बाल उसके हल्के गीले थे!!

बहस हुई उस वक़्त मैंने उसको केस में उस दिन मात दी,
निकाली उसकी कई गलती चेहरा उसका लाल हो गया,

ख़त्म हुआ केस बाहर निकला कोर्ट कैम्पस से, सिगरेट जलाई,

वो आयी उसने भी सिगरेट जलाई बोली सर आज कमाल हो गया!!
आजतक किसी भी केस में कोई मेरी ले नहीं पाया, आप ने ले ली,

मैं बोला मैडम आज तो अच्छे से ली नहीं, या तो बस मूड नहीं था,
नहीं जब लेने पर जाता हूँ अच्छे-अच्छे ढीले पड़ जाते हैं मैडम,
उसको देखा, बेशर्मी से निहारा बदन, बच गए दिमाग और कहीं था!!

दोनों ने चुपचाप सिगरेट ख़त्म की, बोली मिलकर आपसे अच्छा लगा,
दिया पर्सनल कार्ड, हरामीपन से बोली चलो कॉफी पीयेंगे कभी साथ!
उसका कार्ड ले कर बोला मैं, जरूर करते हैं प्लान जल्द ही कॉफ़ी का,
मैं भी तो ले लूं इस मौसम का मजा, बड़े दिन बाद मौका आया हाथ!!

हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कराये, कह विदा चल दिए अलग राह पर।

मैटर से पहले वीकेंड था, इसका कॉल आया मेरे पास,
बोली कैसे हो जनाब, क्या है प्लान आपका इस वीकेंड?

मैं बोला ऐसा कुछ नहीं है खास, अकेले घर पर करूंगा आराम.
बोली अकेली हूं मैं भी जाओ वीकेंड साथ करेंगे स्पेंड!!

मैं बोला घर जाकर नहीं हो पाएगा यार, चलो किसी और दिन,
बोली मर्जी है तुम्हारी, चाहो तो ऑफिस से सीधे सकते हो!
संडे तक तुम्हारे कपड़े साफ़ हो आयरन भी हो जायेंगे,
इच्छा है तुम्हारी चाहो तो वीकेंड मेरे पास बिता सकते हो!

मंडे मैटर है दोनों को निकलना भी है उसी कोर्ट,
थकान पूरी तुम मेरे फ्लैट पर मिटा सकते हो।

मैं बोला चलो ठीक है मैं करता हूं ट्राई,
दे दो मुझे अपनी लोकेशन फ्लैट नम्बर
वो बोली ठीक है मैं जाती हूं खाना पकाने,
अब मिलेंगे जल्दी वीकेंड के बहाने!

अचरज था मुझे कि मॉडल जैसी माल मुझसे खुद चुदना चाहती है
कुछ तो बात है मुझमें तभी तो मेरे लंड पर पूरा वीकेंड उड़ना चाहती है,
मैं पागल हो गया ये सोच तीन दिन दूध जैसी गोरी चूत को बजाऊंगा,
जिसकी 100 लोग लेना चाहें वो मेरा लंड पकड़ना चाहती है!

लगता है कोर्ट की हार का बदला बेड पर लेना चाहती है,
या तो दिखा कर चूत मक्खन सी मुझसे काम लेना चाहती है,
समझ रही है चूतिया कि चूत लेकर इसकी कोर्ट में नहीं लूंगा,
नादान है नहीं पता, अनजाने में लंड बड़ा लेना चाहती है!

मैडम को घमंड है सोचती है जिसको चोदने देगी,
वो हसीन चूत देख कर इनके वश में जायेगा,
ऐसे थोड़ी ना कोर्ट में कोई इनकी ले नहीं पाता,
ये बस देख ले तो बंदा शिकस्त खा जायेगा!

इसलिए सोच रही होगी मुझे तो चूत देंगी तीन दिन,
मैं तो इनके इशारों पर नाचूँगा इनकी चूत के लिए,
पता नहीं इनको कितनी ही को चोद रखैल बनाया है.
भ्रम है इनको करूंगा मैं विनती इनकी चूत के लिए!!

खैर मैंने मंडे का काम ख़त्म किया, आर्गुमेंट तैयार की, 1 बज गए.
लैपटॉप बंद किया और उसके घर के लिए ऑफिस से निकल गया.

उसके घर के बाहर पंहुचा नाम का बोर्ड था दरवाजे पर, घंटी बजाई,
वाइट लैगिंग हरी कुर्ती में उसने गेट खोला उसे देख लंड छन्ना गया!

मैं गेट से अंदर आकर सोफे पर बैठ गया, वो बोली क्या लोगे?
मैं बोला घर है आपका जो भी देंगी आप खुश होकर ले लूंगा.
मैं कम्फर्टेबल हूँ, अब बस कोई लोअर हो तो दे दो,
और कुछ माँगना होगा तो आपसे कह कर ले लूंगा!

मुझे देखते हुए उसने सिगरेट जलाई, एक कश लिया,
मेरी बात पर मुस्कराई और बोली देखती हूँ अगर कुछ मिले तो,

अंदर से आयी शर्ट लुंगी पकड़ाई बोली यार यही मिली बस,
पापा की है फाड़ मत देना, चलो अच्छा है तुम सचमुच मिले तो!

मैंने चेंज किया, अंडरवियर निकाल कपड़ों में दे दी, बोला धो दो प्लीज.
जब देखा होगा मेरा अंडरवियर समझ गयी होगी लुंगी में सिर्फ लंड है.
आज देकर चूत मुझे बनाएगी गुलाम, एक साथ निकालेगी मुझसे दो काम,
उसको क्या पता उसे चोद रंडी बनाने को तना लुंगी में मेरा भुजदंड है!

वापस आयी वो, दो पैग बना कर मुझे दिया और सामने सोफे पर बैठ गयी,
नार्मल बातों से शुरू हुआ सिलसिला 3 पैग बाद थोड़ा अश्लील हो रहा था!

बोली सिर्फ कोर्ट में ही ले पाते हो, बाकी कामों में हल्के ही लगते हो.
बहुत ज्यादा काम करते हो टाइम नहीं होता होगा, मैंने इसलिए पूछा.

मैडम पेपर के साथ कलम से भी अच्छा हूँ उसको फाड़ने में भी,
कोर्ट में जैसा रहूंगा वैसा यहाँ भी समझ लिया आपने, किसलिए पूछा!

उठ कर सोफे से बड़े सोफे पर गयी दोनों पैर लम्बा कर बैठ गयी,
उसके पैर की उंगली मेरी कमर टच कर रही थी, वो मुझे देख रही थी!!

पैग की एक सिप ली और बोली, बताओ कुछ पता लगे आपके बारे में,
क्यूंकि आपको देख कर लगता है खूंखार होंगे आप रियल लाइफ में भी,
स्टडी में इतने माहिर हैं कोई काम आधा अधूरा नहीं छोड़ते होंगे,
जरूर केस के लिए आप इंटरेस्ट लेते होंगे वादी की वाइफ में भी!

अरे केस के लिए जरूरी है ना, जेल गए पति की बेल वही कराती होंगी,
ढीली हो जाती है जेब बेल कराने में, आपकी फीस टाइम पर जाती है.

मैं बोला एडवांस रखवा लेता हूँ, झमेला पालने की आदत नहीं है,
नहीं आती टाइम पर तो एक मीटिंग के बाद लाइन पर जाती है!

वो बोली क्या फीस? या वाइफ? लाइन पर कौन आता है?
मैं बोला उसके बाद दोनों एकदम लाइन पर जाती हैं,
एक लम्बी मीटिंग के बाद सारे डाउट फिक्स हो जाते हैं.
अच्छे से लम्बा जब करता हूँ डिस्कशन ब्रीफिंग से थक जाते हैं
छुड़ा देता हूँ टाइम से क्लाइंट लम्बे लफड़े फिक्स हो जाते हैं!

वकील साहब ब्रीफिंग हमें भी दे दो थोड़ी बहुत अपनी,
हम भी तो जानें कितना देर चलने वाले घोड़े हैं आप.

मैं बोला बस इतना समझ लो आप क्लाइंट नंबर 43 हो,
केस लड़ने के पहले बता रहा, फिर मत कहना बहन के लौड़े हैं आप!!

मेरी ये बात सुन वो उठी अपना पैग बना कर लायी, सिगरेट जलाई,
मुझे देखा, सोफे पर फैलाया एक पैर, एक फैला कर रखा जमीन पर.

सिगरेट पीते-पीते बोली- तजुर्बा है आपको खूब कब्र खोदने का,
मैं आपकी क्लाइंट नंबर 43, अच्छे होंगे जब करते हैं गिन कर!

मैं उसकी टांगों के बीच आया, जांघ पर हाथ रख नीचे बैठ गया,
कुर्ती को हटा एक तरफ किया, सामने लैगिंग से चूत चिपकी थी,
दोनों हाथों से पकड़ लैगिंग खींच कर एकबार में निकाल दिया,
एकदम चिकनी चूत एकभी बाल नहीं, गयी सामने जो छिपी थी!

चूत देख कर लंड लोहे की पाइप सा तन कर फुंफकारने लगा,
मन किया कुत्ते की तरह मुँह लगा दूँ और सारा चूतरस पी जाऊं.
लेकिन सोचा था पहली बार तो बिना फोरप्ले किये चोदूंगा इसको.
भूलने लगा प्लान देख ऐसी चूत, मन किया जीभ लगा बस पी जाऊं!!

उठ कर मैंने उसके सामने खोली अपनी लुंगी,
लोहे की रॉड सा 8 इंच बड़ा लंड तना था,

एकटक देखती रही आश्चर्य से मेरा लौड़ा,
छूने लगी प्यार से मेरा जो भुजदंड तना था!!

खुद को संभाल मैंने बगल बैग से निकाला कंडोम का डब्बा,
बोली कोई परत नहीं चाहिए, पूरी गर्मी लौड़े की फील करनी है.
हाय वकील साहब क्या लौड़ा है आपका, सुपर से एकदम ऊपर,
मैं पहले ही हार गयी हाथ ऊपर, पेश नहीं कोई दलील करनी है!

मैं बोला मैडम कितनी भी अंग्रेजी बोल लो, चोदूंगा तो हिंदी निकलेगी.

एक पैर के घुटने से दबायी उसकी थाई और एक पैर से सरकाया पैर,
चूत पर लगाया लंड तो लगा पूरा घुसेगा भी या नहीं, टाइट थी चूत,
दर्द ना हो उलझाया बातों में, बोला चोदने में मानता नहीं मैं गैर!!

बोली यार आप कोर्ट में मेरी ना भी लेते तो भी, मैं आपका लौड़ा मुँह में लेकर चूसती जरूर,
हैंडम इंसान देख उस दिन केस में ध्यान नहीं था, बाद भी उसके कॉफ़ी के लिए आप से पूछती जरूर!!

बात करते-करते मैं उसकी चूत की दरार पर लौड़ा फिरा रहा था,
झटका देकर थोड़ा घुसाया लंड, हल्की उसकी आह निकल गयी,
आधा अंदर जाते ही होंठ को अपने दांत से दबा लिया उसने,
मैंने फिर लौड़ा बाहर निकाल लिया बोली गरम है चूत जल गयी!!

मैं आधा उस पर झुका, एक झटका देकर पूरा लंड चूत में स्थापित कर दिया,
दर्द से छटपटाती हुई वो छुड़ाने लगी खुद को हाथों से बदन नोंच डाला!!
फिर मैंने उसके होंठों पर रखा होंठ और स्ट्रॉबेरी समझ चूसने लगा,
टाइट चूत ने जकड़ रखा था लंड मेरा, उसने बदन पूरा खरोंच डाला!!

पाकर उसपर काबू थोड़ी देर में, जब उसको कर लिया कण्ट्रोल में,
फिर टाइट चूत को फैलाने के लिए मैंने चुदाई जबरदस्त चालू की,
गर्म मुलायम टाइट थी चूत हर झटके पर मेरी आह निकल रही थी,
थोड़ी देर में देने लगी साथ जब चूत से लड़ाई जबरदस्त चालू की!!

सोफे पर उसकी चूत को मैंने घोड़ी कुतिया जो समझो, सब बना कर चोदा, लिटा कर उठा कर सुता कर चोदा,
बिलबिलाने लगी जब भुजदंड ने वसूली फीस, निकल गया मूत फिर उसे मुता मुताकर चोदा!!

बोली वकील साहब आप की साथी हूँ थोड़ा रहम करो, चूत देख समझ गए होंगे मेरा नंबर ठीक से लगा नहीं था,
एकबार है लिया लौड़ा चूत में रंडी नहीं ठीक बंदी हूँ, गरम हूँ तबसे क्यूंकि मेरी पहली चुदाई में मजा नहीं था!!

उसकी बात सुन कर मैंने भुजदंड को विश्राम बोला, लंड ने मारी पिचकारी उसका मुँह पूरा माल से भर गया!!
उसको वैसे ही छोड़ मैं बाथरूम गया लौड़े को साफ़ किया,

जी भरकर मूता, एक सिगरेट जलाई और खड़े होकर पीने लगा,
मुझे देख कर बोली लगा था आप करोगे पहले मिलने का प्लान,
आपके इंतज़ार में थक हार किया मैसेज तभी एक महीने लगा!!

उसने अपनी लैगिंग उठाई और खड़ी हो गयी, बोली कुर्ती उतार कर चोदते तो कुर्ती पर दाग नहीं पड़ता,
बड़े हरामी हो पूरा मुँह भिगो दिया अपने स्पर्म से,
भला कोई इतना सारा माल किसी के मुँह पर है झाड़ता?

ये बोल कर वो लंगड़ाती हुई बाथरूम की तरफ गयी!
खुद को साफ़ किया डाइनिंग टेबल पर हेडडाउन करके बैठ गयी,
बोली, खाना आप लगा दो मेरी तो हिम्मत नहीं शरीर में जान नहीं।

मैं बोला लगा दूंगा लेकिन आपने भी जख्म कम नहीं दिया है मुझे,
शरीर को पूरा नोंच लिया है आपने, जगह नहीं बची जहा निशान नहीं!!

खाना लगाया साथ हमने खाया और फिर बेडरूम में गए,
उसको मैंने अपनी बांहों में लिटाया और उससे बात करने लगा।
टीशर्ट के ऊपर से खेलने लगा उसकी रुई जैसी चूचियों से,
चलने लगा हाथ उसके पेट पर और खुराफात करने लगा!!

मैं चूम रहा था, चाट रहा था, उसकी हिरनी जैसी गर्दन को,
फिराता हुआ हाथ, ले गया पीठ के पीछे, ब्रा का हुक खोल दिया,
उतारी टीशर्ट उसके बाद रेडिश ब्रा, कमर तक नंगा कर दिया,
सरक कर नीचे आया, अमरुद सी चूची चूस कर हाथ से गोल किया!!

दोनों चूचियों को चूस चूसकर मैंने लाल कर दिया वो मचलने लगी,
कोशिश करने लगी पकड़ ले मेरा लौड़ा और चूत में डाल दे,
थक हारकर खुद ही अपने हाथों से चूची-चूत मसलने लगी,
रंडी की तरह बोली चोद दे मुझे, बेशक चूत में रस निकाल दे!!

उसकी तड़प देख मैंने उसका लोअर उतारा,
चूत में डाली उंगली, चूतरस जीभ से चखा!!
उसकी एक टांग को उठाकर रखा अपने ऊपर,
लेटे-लेटे चूत पर लंड सेट किया और गीली चूत में उतार दिया,

हिलाने लगा कमर वो भी कमर हिला लौड़ा अंदर लेने लगी,
करवट बदल उसे किया नीचे फिर हल्का-हल्का प्रहार किया!!

मेरी इस प्यार भरी चुदाई की अदा उसको भा रही थी,
मुझको पलट सीधा किया पूरा और लंड पर सवार हो गयी,
रख कर मेरी छाती पर दोनों हाथ अपने, लंड पर कूदने लगी,
बोली अब मेरी चूत आपकी, आज मैं आपकी चिनार हो गयी!!

कुछ देर बाद मैं काबू से बाहर था लगा वो मुझे झाड़ देगी,
नहीं बदली पोजीशन तो मेरी चिनार मुझे अभी पिछाड़ देगी,
उठ कर बदली पोजीशन उसको तकिये की तरह मोड़ दिया,
उभर कर दिखने लगा गांड का छेद मैं बोला अपनी गाँड देगी?

बोली इस बार नहीं, अभी तो चूत ही लंड नहीं संभाल पा रही,
ठीक हैबोलकर मैं उसकी चूत में भुजदंड ठूंसने लगा,
10 मिनट में मारे 100 झटके कमरा मादक चीख से भर गया,
झड़ गयी वो पूरा, उसका गरम लावा महसूस कर लंड टूटने लगा!!

एक जोरदार चीख के साथ मेरे लंड ने पूरा पानी चूत में भर दिया,
मैं उसके ऊपर थक कर पड़ गया चूत-लंड रस से सराबोर थे,
ऐसे ही बेजान हम दोनों लिपटे लेटे रहे जान नहीं थी उठ पाएं दोनों,
बहुत दूर लग रहे चुदाई के बाद दोनों को बाथरूम के डोर थे!!

उसकी टी शर्ट से मैंने उसको और खुद को पोंछा,
नंगे ही उसके मखमल बदन से लिपट कर सो गया था,
थके हम दोनों सोते रहे बेहोश बहुत देर तक,
उठे तो देखा ना जाने कबका सवेरा हो गया था!!

धूप में उसकी चिकनी चूत मखन्न सी मादक लग रही थी,
सरक नीचे आया, पैर को कंधे पर रख जीभ चूत पर लगा दी,
फिर कुत्ते की तरह उसकी गुलाबी चूत चाटने लगा,
हाथ से सिर वो चूत पर दबाने लगी, नींद उसकी भगा दी!!

मुझे अलग कर बेड पर उसने सीधा लिटाया, उठ कर गांड मुँह पर रख मेरे बैठ गयी आकर,
उसकी गांड की दरार मेरी नाकों के बीच थी, पागल कर दिया था उसने गांड-चूत सुंघाकर!!

हल्का उसको आगे कर सिर को निकाला अपने,
लम्बी पतली कमर ऊँची की दीवार एक सामने थी,
उसकी पूरी नंगी पतली मुलायम पीठ दिखी मुझे,
ये मूड में है सोचा निकाल लेता हूं तलवार जो म्यान में थी!!

धक्का दे उसको घोड़ी बनाया उसकी चूत मेरे सामने थी,
मैं जैसे चाटते हैं आइसक्रीम उसकी चूत को चाटने लगा,
69 पोजीशन में हम, मेरा लंड उसके हाथ में था,
दबा दिया गांड से मुँह, चाटने लगी लंड मेरा मैं हाफने लगा!!

थोड़ी देर तक मैं उसकी चूत चूसता रहा और वो मेरा लंड,
फिर मैंने पकड़ उसके बाल पूरा लंड मुँह में पेल दिया,
थोड़ी चूत चुसाई के बाद उठ बालकनी में लेट गयी,
बुलाया इशारे से एक दूसरे की मालिश को तेल दिया!!

लम्बी बालकनी में कुछ भी करो अगल-बगल सब खाली था,
नंगे ही एक पतली योगा मैट पर दोनों अगल-बगल लेट गए,
तभी फ़ोन की घंटी बजी देखा बीवी का फ़ोन रहा है,
उठाया फ़ोन उसके ऊपर गया चिपक दोनों के पेट गए!!

फ़ोन स्पीकर पर कर उसको बगल में रख दिया, बात करने लगा,
बीवी बोली क्या चल रहा है, और हंसी, थोड़ी मालिश करूंगा अब,
बोला हंस कर, लंगड़ी हो गयी थी रात में, कई इंजेक्शन लगाना पड़ा,
कर लूँ मसाज इनकी एकबार फिर इलाज रूम बनाऊंगा टब,
अभी तक लंड सुना था मैडम ने, कल देखा है लंड क्या होता है
अभी तो दौड़ेगी ये स्पीड से चूत पर जब चलाऊंगा रेलगाड़ी तब!!

बात मेरी सुन ये चौंक गयी बोली, इतना बड़ा धोखा क्यूं दिया,
सही है, तुम बॉस हो, बॉस देखो मैं इतनी क्यूं चूतिया।
चलो पता चला कैसे लोग हैं यहां दिन में तारे जैसे आंख में टूटे,
फिक्र लेकिन करो , हैरान हुई, नहीं सोच रही तुम हो झूठे!!

फ़ोन पर आवाज आई
जानती थी तुम्हें पहले दिन से जब इन्होंने फोन पर बताया,
मालूम था, बनोगी इनकी सबसे बड़ी चुदैल, मन में इन्होंने सपना जो था सजाया!!

आपकी खुश के लिए, खुली छूट दी है इनको, जब एकदम झेला ना जाए, तो बता देना,
चाहती हूं यहां आकर इनसे चुदो मेरी नजरों के सामने, तुम्हें कहना पड़ेगा घर का पता देना!!

इसने थैंक यू फॉर फेवर बोला, मैंने बाय, और फ़ोन कट गया

अब ये लंड को रस्सी की तरह हल्का-हल्का खींच तेल लगा रही थी,
मैं दोनों चूचियों पर हाथ चलाते-चलाते उनको तेल से नहला रहा था,
ये लगी हुई थी तबियत से लंड की मसाज करने में जैसे उसका है,
मैं गर्दन से कमर तक तेल लगाते-लगाते बदन प्यार से सहला रहा था,

उसके बाद उठ दोनों ने अपने शरीर को तेल से सराबोर कर दिया,
और एक दूसरे के ऊपर लेटने लगे, लेट कर एक-दूसरे को सहलाने लगे!
जब दोनों ने एक-दूसरे को अच्छे से जी भर तेल लगा लिया तब,
लिटाकर चूत का मसाज शुरू किया, वो तड़प लंड पर हाथ लगाने लगे!!

उसके बाद उठ वो बालकनी पर खड़ी हुई मेरी तरफ गांड निकालकर,
मैं उठ कर गया, पीछे से लिपट गया, रेलिंग पर उसे लिटा चूमने लगा!
बनाया घोड़ी पकड़वा कर रेलिंग, लंड घुसा कर बालों को बनाया लगाम,
रेलगाड़ी की गति से घुड़सवारी की, लंड की ताकत दिखा चूमने लगा!!

जब सूख गया तेल, उसके बाद उसे खड़ा किया सीधा बालकनी के दरवाजे पर,
एक टांग उठा हाथ पर झुलाया, और फिर उचका-उचका चोदा,
मालिस ने मलाई कर दी थी चूत बढ़िया हो रही थी बोरिंग बुर की,
चुदाई से थक लटकने लगी तब ज़मीन से पिचका पिचका चोदा!!

जब दोनों ने हार मानने से इंकार कर दिया तब कॉफ़ी के लिए रुके

नंगे ही हम दोनों किचन में जा कॉफ़ी बनाने लगे,
कॉफ़ी बनाकर वो किचन के स्लैब पर बैठ कर कॉफ़ी पीने लगी,
मैं स्लैब के सहारे खड़े हो पास कॉफ़ी को एन्जॉय करने लगा,
ख़त्म की, फिर हम एक दूसरे के होंठ की कॉफ़ी बाकी पीने लगे!!

चूमते-चूमते खाली किचन की स्लैब पर आराम से उसे लिटाया,
लम्बी स्लैब पर साथ चढ़कर बनाई लेटकर चोदने के लिए जगह,
और 40 मिनट तक बिना रुके चूत में धनिया कूटता रहा,
खिसका खिसकाकर चोदा स्लैब पर इतनी थी ठोकने के लिए जगह!!

जब लगा झड़ जायेंगे गए बाथरूम में आखिरी राउंड के लिए,
फ़्लैश चला चिपक एक दूसरे के साथ शावर को चला दिया,
चुदाई की फच-फच की आवाज गूंज रही थी ऐसी चुदाई चली,
झड़ने के बाद जब इसने लंड चूस कर झाड़ा पूरा हिला दिया!!

उसके बाद अच्छे से साथ नहाये और फिर खाकर बेड पर गए,
लगाई नेटफ्लिक्स पर मूवी और देखते-देखते दोनों सो गए,

शाम में नींद खुली और चुदाई का एक राउंड चला,
चोदने के लिए नहीं भोगने के लिए प्यार भरी चुदाई थी
घंटी बजी दरवाजे पर कोई आया, कपड़े पहन खुद को ठीक किया और जाकर खोला इसने गेट,
सांस में सांस आयी जब देखा काम करने वाली आयी बाई थी!!

रूम में आकर इसने कपड़े उतारे, मैं लेटा था बेड पर टांग फैलाकर,
आकर चूस खड़ा किया अध-खड़े लंड को और उस पर बैठ गयी,
थोड़ी देर कूदने के बाद, लंड धंसा चूत में कमर गोल घुमाने लगी,
आनंद की कोई सीमा नहीं थी मस्त होकर मेरी बॉडी पूरी ऐंठ गयी!!

तभी दरवाजे पर बाई ने नॉक किया बोली दीदी कॉफ़ी लायी हूँ,
बोली आजा अंदर, वो काफी लेकर बेड के पास खड़ी हो गयी,
बोली साइड टेबल पर रख दे, वो किचन में चली गयी गेट खोल कर,
लेकर दरवाजे पर टिक वो अपना चाय का ग्लास खड़ी हो गयी!!

वकील साहिबा उसकी तरफ मुँह करके झुक घोड़ी बन गयी,
उसके बाद मैंने कामवाली के सामने उसको रंडी की तरह बजाया,
वो चाय का सिप लेते हुए एक हाथ से चूत को अपनी रगड़ने लगी,
तेरी मैडम की चूत मखन्न है कामवाली को बात यह कह-कह बजाया!!

मेड बैठ गयी टिक दरवाजे से, साड़ी उठा चूत में उंगली कर रही थी,
बोली भैया दीदी कोमल हैं रुई की तरह, मत फाड़िये बुर को बेरहमी से,
आप चोद कर इनको बना देंगे लंड की आशिक़, फिर दीदी तड़पेगी,
आप तो मिलेंगे नहीं, रोज ये चूत अपनी चटवायेगी फिर हमीं से!!

बिना कुछ बोले मैंने 15 मिनट और चोदा, फिर पेट पर झड़ गया,
मेड उठी और उसने मेरा लंड और उसे पूरा साफ़ किया,
बोली भैया आपकी बहन भी दीदी की खास है गलत बात,
मुझे गर्म छोड़ दिया, आपने मेरा साथ नहीं इन्साफ किया!!

बोल कर वो खाना बनाने चली गयी,
खाना बना कर बोली दीदी कल सुबह आऊं,
इससे पहले वो बोलती मैंने बोला जाना,
वो बोली साहब आप ही बता दो कब आऊं!!

मैं बोला 9 बजे और वो गयी जाकर गेट लॉक किया,
डिनर करके 11 बजे, चुदाई का दौर चला 3 बजे तक,
बेडरूम से लेकर गेस्टरूम तक हर जगह घुमाया उसे,
मखमल से जैसे उसके शरीर को खूब मसला 3 बजे तक!!

थक कर सो गए सोफे पर नंगे, सुबह 9 बजे मेड गयी,
नंगे मैंने दरवाजा खोला सामने मेड थी वो अंदर गयी,
साड़ी को कमर में बाँधा, उसकी गदरायी कमर दिखने लगी,
35 साल की गदरायी भाभी थी मटका गांड आग लगा गयी!!

मैंने उसको पीछे से उठाया और बेड पर लाकर पटक दिया,
उसकी साड़ी ऊपर कर कच्छा निकाला और लंड पेल दिया,
थोड़ी कसमसाई मगर चुदक्कड़ साली पूरा लंड खा गयी,
बजाई थोड़ी देर चूत फिर एकदम से लंड गांड में ठेल दिया!!

चिल्लाई जोर से, ‘दीदी बचा लोइनको ऊपर से हटा लो,
बहुत मोटा-लम्बा है गांड नहीं सह पायेगी दीदी बचा लो,
मैं बोला मादरचोद तुझे तेरी औकात दिखाने को ठोक रहा,
दीदी नहीं रोकेगी आकर तू सिर्फ चिल्लायेगीदीदी बचा लो’!!

ताबड़तोड़ तरीके से उसकी गांड तोड़ कर रख दी,
साली कुछ देर बाद ये झटका भी पूरा सह गयी,
कमाल की कुश्ती लड़ रही थी दांव सारे जानती थी,
फिर मैंने अंततः चलाई रेल कुछ देर में चूत बह गयी!!

हाँफते हुए उसने अपनी साड़ी ठीक की बोली, सांड हो सांड,
इतने लौड़े लेकर भी झेल नहीं पायी, दीदी कैसे झेल रही ये लाण्ड,
चुद कर दीदी अब लगता है कल ऑफिस नहीं जाएगी,
मैं बोला यहाँ तो मार ही रहा, कल कोर्ट में भी मारूंगा दीदी की गांड!!

पूरे संडे के दिन मैंने मेड के बाद एक बार उसको चोदा,
उसके बाद रात में आखिरी चुदाई के लिए सेज सजाई गयी,
10 से एक बजे तक बेड पर कई करतब दिखाए दोनों ने,
खुश होकर चूमा दोनों ने उसके बाद लाइट बुझाई गयी!!

अगली सुबह हम दोनों अलग-अलग पहुंचे कोर्ट में,
मैंने आर्गुमेंट में कोई नरमी नहीं बरती इसबार भी,
गुस्से से लाल होकर छोड़ा कोर्ट रूम और चली गयी,
गुस्सा थी, कॉल किया बोली, तुमपर गुस्सा भी रहा प्यार भी!!

बोली चैम्बर में मेरे आज जाओ कॉफ़ी पीते हैं साथ
उसके ऑफिस जाकर उसको उसकी चेयर पर बजाया,
बोला औकात में रहकर, मुझसे ज्यादा गुस्सा ठीक नहीं,
उसकी चूत 15 मिनट में झाड़ कर बोला मजा आया!!

चुदकर कपड़े ठीक कर ऑफिस बॉय को फ़ोन किया,
बोली 2 कप बढ़िया चाय लेकर , जल्दी लेकर आना.
फ़ोन रखा और बोली अब से मैं आपकी दीवानी हूँ,
हमेशा तैयार हूं तुम्हारे लिए, आता है आपको रखैल बनाना!!